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राज कमल tula जर का etkich kalaji आहे न उत्तेर प्रदेश ची तर mag जा की तिकडे महाराष्ट्रात का रहतोस तू ?
806 days
राष्ट्र या महाराष्ट्र
या पुस्तकाचा प्रचार व्हावा. सुहास राणे, मुम्बई अध्यष्य (शिव समर्थक सन्घटना )
806 days
मराठा जागा होतोय ! पुस्तक प्रसिध्द
ए, राजकमल! मराठी कट्ट्या वर तुझ्यासारख्या उपर्‍या चे काय काम?
806 days
राष्ट्र या महाराष्ट्र
mayuri6 do yo think every one is aggared what you are thinking? no.....you see the people those who are now shouting on this aatack...who are they? are they supports of Shivsena? certenly not..they only want shivesena should get finished? and i am sure that if this happen you will not walk safe on road..no one is there to make you safe. we need shivsena to protect us from this situations. Now what do you think that IBN Lokamt channel was doing right thing since last week? they do not have any news then Balasaheb? are they were waiting the reaction from Shivsena? why they keep continue abuusing Mr. Balsaheb when no one discussed that perticular issue for such a long time? why? Ibn wantet to improve his TRP? IBN knew very well.... these days Shivsena and Balsaheb is soft target? so why not take the opoutunity and make some issues???? you said they attack on marathi chennel and you felt shame on it? then one thing you try to understand my friend is there behevier was ok? one marathi channel is doing all this dirty tricks against one very big leader of marathi comunity how can you justify this? please when you felt bad that one marathi manus attack on another marathi manus then please.... please pick up your phone and call IBN and tell them not to this nasty thing again because there is milions of maharashtrians in maharashtra still respects Mr. Balasaheb. how can you aspect from them to tolleret this things. How the reaction comes? when somebody takes the action and that reaction..... the reaction given by Shiuvsaineek....i am fully supproting to those shivsaineeks who had done this. IBN chaneel must have learnt the lesson. finally Nikhil Wagle and IBN chennel who they are? if you have some time just find some of the back history of Nikhil Wagle? Why Nikhil wagle beetan by congress...rashtravaadi...and finally two times from shivsena? why not others? why he only? reason is he is crossing the limit? and sombody corssed his limits he will be getting this kind of reactions.... shivsena sampnaar nahi kunhi kitihi praytna kela tari? gharche bhedi ch gharche vaase mojun mokle zaale tar upraynchi kaay katha? Jai hind jai maharashtra
806 days
Sunil Raut blamed for attack on IBN 7 and Lokmat offices
judgement appreciated2
806 days
Mumbaikars say Tata to Reliance
nice work BMC, ase nahee kele tar , he sagla ajun vaadhat jaail
806 days
BMC washes hands of shanties under skywalk
Basically it was the MNS's khunnas on Abu Azmi , and yes this khunnas is totally justified , whatever the reason may be we shud just get a chance to bang the traitor Azmi
806 days
Abu Azmi hit by MNS leader Ram Kadam for oath in Hindi
whatever shivsena did that all are wrong ? if i m nt wrong i heard shivsena respects marathi people then how they can did this if they want to do this type of thing then why cant they went any UP News channel IBN Lokamt channel is marathi news channel this channel is for marathi people ............. shame on shiv sena people who did this mistake ?
807 days
Sunil Raut blamed for attack on IBN 7 and Lokmat offices
अरे राजकमल भडव्या तुला कही लाज वाटली पाहिजे महाराष्ट्र रहत असून जय उत्तरभारतीय म्हणतोस अरे जरी उत्तरभारतीय विधान्सभेस्ट निवडून आलेत ते केवल पैसे वाटुन अणि गुन्दगिरिने त्यांच्या कर्तुत्व्या वर नहीं तुला कासल अभिमान आहे रे राहतो इथे कहतो इथे अणि गुणगान गातोस ते बैथ्यांचा तुज्यसर्ख्या बैथ्यन्मुलेच महाराष्ट्राची वाट लगत चलाई आहे समजल का ? तू स्वतहाला काय समजतोस रे तुमचा तो नेता अबू आज़मी काय अहे काय त्याच्यात तो एक गुंडा आहे ज्याचा १९९२ मुंबई बोम्ब ब्लास्ट मधे हाथ होता तो मागच्या २५ वर्श्यपसुं राहतो का तो मराठी बोलू शकत नहीं जसा टीला त्यांच्या हिंदी भाषेचा अभिमान अहे तसा राज थाकरेना पण अणि माला पण आमची मटरू भाषा मराठी भाषेचा अभिमान आहे त्यात आम्ही लोक थोड बोलाल्तो तर काय चुकल का सगळे लोक राज ठाकरे न वित म्हणतात अरे तुम्हाला जर तुमची उत्तर प्रदेश अभिमान आहे तर मग तिकडे का रहत नहीं चुटानी मिर्ची खुन तिकडेच काराहत नहीं ? मुंबई महाराष्ट्र येउन एकाद्च्या लोअकना तरस देतात ? पूर्ण मुंबई महाराष्ट्र वाट लावून तकली आहे तुम्ही लोअक्नी ? जस कर्नाताकल मधे त्यांची मातृभाषा चलते तशी महाराष्ट्र जर का त्याचा आग्रह धरला तर काय विएत कल अरे तुम्ही लोकानी मुंबई काय महाराष्ट्राची वाट लावून तकली आहे ? तुमच्या सारख्या बैथ्य्न्मुलेच मराठी लोकाना नौकरी काय लवकर घर भेटता नहीं ? तुम्ही लोअक इकडे कमावता इकडे खातात अणि गुणगान उत्तर प्रदेश गातात कही लाज वाटू दया थोड़ी तरी ? थोड़ी जरी लाज बाकि असेल न तर मराठी लोअक्नाच सन्मान करा अणि तुमच्या उत्तर प्रदेश ला जा ? जय मराठी जय महाराष्ट्र
807 days
Raj Thakre - real hero
Ho, mi marathi ahe. Roj prachand gardi aslelya train madhun pravas karto. Bhaiya rikshwalyala amuk ek thikani chal ase mhanalayvar ani to thet nahi mhanto. Paise nahi mhanun anek mitrana virar kiva kalyan shift hotana pahto ahe. Khup vait vatate. asech hot rahile tar... He ka hot ahe? Aaj mumbai mag thane, mag etc... Me manya karto ki ithe par-prantiyancha takka vadhala ahe. Tyacha jabarjast phatka yethil bhumiputrana padahla ahe. Aaj high land-rates, water-shortage, loadsheding, he sarva ka hot ahe. Simple demand is more than supply. hich goshta tumhi East india, chennai, kiva banglorela ja tumhala hi pahavayas nahi milnar. Even tithe jhalelya prantik vadavar sadha ek shabdahi kadhle jat nahi. Belgaon aplich marathi manse tithe hakkasathi ladahat ahe. Jar karnatka bahubhashik belgaon sodu shakat nahi tithe kanadi patya lavayala sangte. tar mumbai hi maharashtrachi rajdhani ahe. Hates off to "Mr. Raj Thakre." He made impossible possible. Jar Raj marathicha rajkaran kartat tar itar paksha kay vegala kartat. Babasahebani arakshan phakta 1975 paryantach asayal pahije ase sangitale astana te kunhi aajvar chalu dilhe. Sangalit ganesh-utsavala jhalelya dangalicha karan kay hote? Tar "Maharajani Afzal khanacha vadh kela". Khar ahe sarvana mahit ahe. Mag tya postervar avadhe akshep ghenayche karan? Tatpurvi, Me shivajiraje boltoy release jhala hota. Tyat he dakhavale ahe tevha tya lokani kay kele? Don divas ganeh-visarjan ushira jhale. Apan maharashtrat ahot tarihi he apan sarva sahan karto. Marhatta this is for you "Thodakyat alpa-sankhyankancha khush thevayache rajkaran." Mag Marathich rajkaran ka kunachya potat khupastay? Amchi dishabhul karayala amhi kahi kan, dole band karat nahi. Shiv-rayanch veli kahi fitur hote, tyat ankhi bhar padali tumachi? Amhi phakta amcha hakka magat ahot, Marg thoda chukica ahe pan. Maharjanchay nitila anusurun Sam , Dam , Dand, Bhed. Jay Maharashtra...........
807 days
Raj Thakre - real hero
मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। मुंबई पर उत्तर भारतीयों के बढ़ते वर्चस्व को मुद्दा बनाकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना [मनसे] भले ही राज्य विधानसभा की 13 सीटें जीत गई हो , लेकिन मुंबई की 22 प्रतिशत सीटों पर कब्जा कर उन्होंने भी अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। मुंबई में कांग्रेस के टिकट पर छह उत्तर भारतीयों ने चुनाव जीता है । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी [राकांपा] और समाजवादी पार्टी के भी एक-एक विधायक महाराष्ट्र विधानसभा में पहुंचे हैं। मुंबई की कुल 36 में से 8 सीटें उत्तर भारतीय प्रत्याशियों को मिली हैं। इतना ही नहीं, अधिकतर सीटों पर उत्तर भारतीय उम्मीदवारों ने मनसे को तीसरे स्थान पर ढकेल दिया है। कांग्रेस के टिकट पर कृपाशंकर सिंह, रमेश सिंह , राजहंस सिंह, मुहम्मद आरिफ नसीम खान, बाबा सिद्दीकी और असलम शेख ने जीत हासिल की है। राकांपा से नवाब मलिक और सपा से अबू आसिम आजमी को सफलता मिली है। मुंबई से पहली बार विधानसभा में इतनी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय प्रत्याशी चुनकर पहुंचे हैं। यदि भाजपा ने सही उम्मीदवारों को गलत सीटों से न उतारा होता तो यह संख्या और बड़ी हो सकती थी। कांग्रेस के टिकट पर के टिकट पर चुने गए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह और मुहम्मद आरिफ नसीम खान तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। नसीम खान ने तो मुंबई में सर्वाधिक मतों के अंतर से जीतने का रिकार्ड भी कायम किया है, जबकि राकांपा के टिकट पर जीते नवाब मलिक भी तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। जीत हासिल करने वाले शेष उत्तर भारतीय पहली बार विधानसभा में पहुंचे हैं। राज ठाकरे के आक्रामक तेवरों के बाद कांग्रेस ने मुंबई के उत्तर भारतीय मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए ही मुंबई कांग्रेस की कमान कृपाशंकर सिंह को सौंपी। कांग्रेस की यही रणनीति लोकसभा चुनावों में भी कामयाब रही थी और मुंबई की सभी छह लोकसभा सीटें कांग्रेस के खाते में गईं। सफलता दोहराते हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को मुंबई की 17 सीटें हासिल हुई हैं। 17 में से 6 सीटों पर कांग्रेस के उत्तर भारतीय उम्मीदवार विजयी रहे। जीते उत्तर भारतीय
807 days
राष्ट्र या महाराष्ट्र
मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। मुंबई पर उत्तर भारतीयों के बढ़ते वर्चस्व को मुद्दा बनाकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना [मनसे] भले ही राज्य विधानसभा की 13 सीटें जीत गई हो , लेकिन मुंबई की 22 प्रतिशत सीटों पर कब्जा कर उन्होंने भी अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। मुंबई में कांग्रेस के टिकट पर छह उत्तर भारतीयों ने चुनाव जीता है । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी [राकांपा] और समाजवादी पार्टी के भी एक-एक विधायक महाराष्ट्र विधानसभा में पहुंचे हैं। मुंबई की कुल 36 में से 8 सीटें उत्तर भारतीय प्रत्याशियों को मिली हैं। इतना ही नहीं, अधिकतर सीटों पर उत्तर भारतीय उम्मीदवारों ने मनसे को तीसरे स्थान पर ढकेल दिया है। कांग्रेस के टिकट पर कृपाशंकर सिंह, रमेश सिंह , राजहंस सिंह, मुहम्मद आरिफ नसीम खान, बाबा सिद्दीकी और असलम शेख ने जीत हासिल की है। राकांपा से नवाब मलिक और सपा से अबू आसिम आजमी को सफलता मिली है। मुंबई से पहली बार विधानसभा में इतनी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय प्रत्याशी चुनकर पहुंचे हैं। यदि भाजपा ने सही उम्मीदवारों को गलत सीटों से न उतारा होता तो यह संख्या और बड़ी हो सकती थी। कांग्रेस के टिकट पर के टिकट पर चुने गए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह और मुहम्मद आरिफ नसीम खान तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। नसीम खान ने तो मुंबई में सर्वाधिक मतों के अंतर से जीतने का रिकार्ड भी कायम किया है, जबकि राकांपा के टिकट पर जीते नवाब मलिक भी तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। जीत हासिल करने वाले शेष उत्तर भारतीय पहली बार विधानसभा में पहुंचे हैं। राज ठाकरे के आक्रामक तेवरों के बाद कांग्रेस ने मुंबई के उत्तर भारतीय मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए ही मुंबई कांग्रेस की कमान कृपाशंकर सिंह को सौंपी। कांग्रेस की यही रणनीति लोकसभा चुनावों में भी कामयाब रही थी और मुंबई की सभी छह लोकसभा सीटें कांग्रेस के खाते में गईं। सफलता दोहराते हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को मुंबई की 17 सीटें हासिल हुई हैं। 17 में से 6 सीटों पर कांग्रेस के उत्तर भारतीय उम्मीदवार विजयी रहे। जीते उत्तर भारतीय
807 days
Raj Thakre - real hero
अफझलखानला कुणी मानत नाही असं म्हणणा-या तुझ्यासारख्या लोकांसाठी ही एक बातमी. नीट वाच आणि विचार कर. देशाची अधोगती म्हणजे काय आणि अराजक म्हणजे काय हे तुला कळेल. http://www.epapergallery.com/Saamana/19Nov2009/Enlarge/Mumbai/page8.htm?CurrentSupplementIndex=0
808 days
राष्ट्र या महाराष्ट्र
संतोष, लाल्या, ह्या राजकमलला खरंच समजत नाहीये की तो काय लिहितोय. त्याला फक्त मनसे आणि शिवसेनेवर लिहिलेला लेख दिसला, की मनातली जळजळ बाहेर काढायची एवढंच माहिती आहे. तो लेख पूर्ण वाचत नाही. राज ठाकरे, बाळासाहेब ठाकरे इवढी नावं दिसणं हे त्याला प्रतिक्रिया लिहिण्यास पुरेसं आहे. त्याची कृतीच दर्शवते की तो असंस्कृत, असमंजस, अविचारी, असंयमी आणि अतिरेकी आहे. त्याच्यासारखे बरेच जण या महाराष्ट्रात आहेत म्हणून मनसेची आंदोलनं होतात, हे त्याला कळणार नाही.
808 days
सचिनला यात ओढू नका
राजकमल, हरियाणात रहाणा-या मराठी लोकांना मारहाण झाली तेव्हा तू विरोध केला होतास की नाही, हे बघायला आम्ही गेलो नाही, तेव्हा इथे नुसत्या पतंगा उडवू नकोस. तुला बोलायचं आहे म्हणून तू एकदाच लिहितोस आणि लेख न वाचता इकडे तिकडे ती प्रतिक्रिया चिकटवून टाकतोस. राज ठाकरे व शिवसेनेवर लिहिलेला लेख दिसला की चिकटव प्रतिक्रिया असंच तू करत आहेस. तुझ्या या कृतीतूनच दिसत आहे की तुला पूर्ण विचार न करता, तोंडाला येईल ते बडबडायची सवय झाली आहे. लेख काय, तू प्रतिक्रिया काय देतोस, याचं तुलाच भान नाही. तू शिवसेना आणि मनसेद्वेष्टा आहेस म्हणून त्यांच्याबद्दल काही लिहिलेलं दिसलं की त्यांच्याबद्दल जमेल तेवढं वाईट लिहायचं एवढा एकच उद्देश मनाशी बाळगून तू इथे येतोस.
808 days
Raj Thakre - real hero
ए, राजकमल! तुझ्या बेगडी वाक्यांची नि तुझ्या खोट्या समर्थनाची गरज महाराष्ट्राला आणि मराठी माणसाला नाही. देशात अराजकता नाही म्हणतोस आणि देशाची अवनती होतेय, असंही म्हणतोस. वा, रे वा! तुला स्वत:ला समजतंय का, तू काय बोलतोयंस ते? आम्हाला शिवाजी महाराजांबद्दल आदर आहे, म्हणून तूही त्यांच्याबद्दल चांगलं बोललास, की तू बाकी इतर विषयावर काहीही प्रतिक्रिया दिलीस तर आम्ही ते खरं मानायचं का? हरियाणात रहाणा-या मराठी माणसाने "माझ्याशी मराठीत बोला" असा माजोरीपणा दाखवला नव्हता, जो इथे येऊन बिहारचे लोक दाखवतात. एका व्यक्तीच्या आंदोलनामागची भूमिकाच जर तुम्हा लोकांना समजून घ्यायची नसेल, तर असे प्रकार घडणारच. "आमच्याच राज्यात आमच्या मातृभाषेला प्राधान्य द्या" असं हात जोडून विनवल्यानंतर सुद्धा जर तुमच्यासारख्यांना समजत नसेल, तर आम्ही काय तुमच्यासमोर भिक मागायची का रे? आम्ही हातात शस्त्र घेतलं की आम्ही हिंसक आणि "महाराष्ट्राचं बिहार करू" अशा आरोळ्या ठोकणारा लालू म्हणजे कोण? लालू नि मायावती का म्हणत नाहीत की आम्ही उत्तर प्रदेशात मराठी आणू, उत्तर प्रदेशात रहाणा-या मराठी लोकांना प्राधान्य देऊ? का भाषा करतात महाराष्ट्राला बिहार बनवण्याची? या त्यांच्या माजोरीपणाचा परिणाम आहे ’मनसे’. तुझ्या बोलण्याचा रोख कायम असाच आहे, की मी जे बोलतोय, त्याला सहमती द्या. तुला मुळातच वाचनाची आवड कमी दिसते. लेख नीट न वाचता प्रतिक्रिया देणं हा तुझा स्थायीभाव बनला आहे. तू लिहितानाही विचार करत नाहीस, हे दिसतंय. इतिहास खूप माहित आहे ना तुला? औरंगजेबाने कित्येक मंदिरांना देणग्या दिल्या होत्या, हे ठाऊक आहे का तुला? त्याच्या या पुण्याईमुळे तो बरेच दिवस वाचला, शेवटी मंदिरांना देण-या त्याच हातांनी त्याने आई तुळजाभवानीवर घाला घातला म्हणून त्याचा सर्वनाश झाला. मिळून वाटचाल करण्याची भाषा करतोस ना, ते तुझ्या भाऊबंदांना जाऊन सांग आणि स्वत:ही आत्मसात कर. त्यांना समजत नाही की महाराष्ट्रात रहायचं असेल, तर तिथल्या संस्कृतीशी एकरूप झालं पाहिजे. मिळून मिसळून रहाणे याचा अर्थ भैया महाराष्ट्रात येऊन माजोरडेपणा करणार तो मराठी लोकांनी सहन करायचा. तोच भैया आंध्र, बंगाल प्रांतात गेला की तिकडची भाषा, संस्कृती सर्व आत्मसात करणार. वा रे तुझी एकात्मता!
808 days
राष्ट्र या महाराष्ट्र
आप लोग पुरी तरह भटक चुके हैं और अब शायद ये सब आप के दिमाग में बैठ गई है अगर आप को लगता है के ये सही है तो ठीक है, अपने अधिकारों, संस्कृति, भाषा, मिट्टी, समुदाय, समाज, इतिहास, स्वतन्त्रता, आदि के समर्थन में लड़ना अच्छी बात है! और मैं इस बात मैं आप का पूरी तरह से समर्थन करता हूँ, मगर किसी को मारने का अधिकार किसी को नही है, देश मैं इतनी भी अराजकता नही है के दो टके की औकात के गुँड किसी गरीब और असहाय के ऊपर हिंसात्मक अत्याचार करें! मेरा विरोध आपके विरोध करने के तरीके पर है, आप एक आम आदमी को मार् सकते हैं मगर ये जो प्रणाली/सिस्टम है आप उसके खिलाफ कभी खड़े नही होते! मैंने तब भी विरोध किया था जब महाराष्ट्र की घटनाओ से आहत हो कर हरियाणा में कुछ लोगों ने एक मराठी मनुष्य के खिलाफ दुर्व्यवहार किया था! आप एक आम आदमी को मार् कर अपनी सभ्यता को कलंकित कर रहे हो, और वैसे भी अभद्र भाषा का प्रयोग और हिंसा का प्रयोग तो एक कमजोर और असभ्य आदमी करता है! लड़ना और भोंकना तो जानवर की प्रवर्ती है! आप विरोध करें और में खुद कह्ता हूँकि विरोध करो मगर अपनी सभ्यता और इन्सानियत का हनन कदाचित न करो! हमारे क्षत्रपति श्री शिवाजी महाराज जी ने भी विरोध किया था मगर अत्याचार का और उन्होने कभी निर्बल और गरीब को नही सताया ! शक्ति का प्रयोग निर्बल और गरीब की सहायता और उसके उत्थान के लिए तथा अत्याचार और बुराई का दमन करने के लिए किया जाता है! इस सब का पालन हमारे क्षत्रपति श्री शिवाजी महाराज जी ने किया इसी लिए वह सम्पूर्ण भारत में श्रद्धा और आदर से पूजे जाते हैं! मगर औरंगज़ेब को तो कोई भी नही मानता! इसी प्रकार ठाकरे परिवार की विध्वंस वाली राजनीति का मैं पुरजोर विरोध करता हूँ और करता रहूंगा! अगर वे इस विध्वंस वाली राजनीति को छोड दें तो शायद उन से अच्छा राजनीतिक दल शायद ही कोई हो ! याद रखो मिल कर चलने में ही सब का भला होता है! महाराष्ट्र के उत्थान के लिए ठाकरे परिवार ने बहुत अच्छे काम किए हैं मगर अब शायद ये सब जो हो रहा है सब दुखद है! अपने सुख के लिए किसी को सताना इन्सानियत नही है! मत बताओ दुसरे ने तुम्हारे लिए क्या किया, सोचो तुम ने क्या किया और जो किया क्या वो सही किया ! मानवता सर्वोपरि है! मानवता से बढ कर कुछ भी नही!
808 days
Raj Thakre - real hero
आप लोग पुरी तरह भटक चुके हैं और अब शायद ये सब आप के दिमाग में बैठ गई है अगर आप को लगता है के ये सही है तो ठीक है, अपने अधिकारों, संस्कृति, भाषा, मिट्टी, समुदाय, समाज, इतिहास, स्वतन्त्रता, आदि के समर्थन में लड़ना अच्छी बात है! और मैं इस बात मैं आप का पूरी तरह से समर्थन करता हूँ, मगर किसी को मारने का अधिकार किसी को नही है, देश मैं इतनी भी अराजकता नही है के दो टके की औकात के गुँड किसी गरीब और असहाय के ऊपर हिंसात्मक अत्याचार करें! मेरा विरोध आपके विरोध करने के तरीके पर है, आप एक आम आदमी को मार् सकते हैं मगर ये जो प्रणाली/सिस्टम है आप उसके खिलाफ कभी खड़े नही होते! मैंने तब भी विरोध किया था जब महाराष्ट्र की घटनाओ से आहत हो कर हरियाणा में कुछ लोगों ने एक मराठी मनुष्य के खिलाफ दुर्व्यवहार किया था! आप एक आम आदमी को मार् कर अपनी सभ्यता को कलंकित कर रहे हो, और वैसे भी अभद्र भाषा का प्रयोग और हिंसा का प्रयोग तो एक कमजोर और असभ्य आदमी करता है! लड़ना और भोंकना तो जानवर की प्रवर्ती है! आप विरोध करें और में खुद कह्ता हूँकि विरोध करो मगर अपनी सभ्यता और इन्सानियत का हनन कदाचित न करो! हमारे क्षत्रपति श्री शिवाजी महाराज जी ने भी विरोध किया था मगर अत्याचार का और उन्होने कभी निर्बल और गरीब को नही सताया ! शक्ति का प्रयोग निर्बल और गरीब की सहायता और उसके उत्थान के लिए तथा अत्याचार और बुराई का दमन करने के लिए किया जाता है! इस सब का पालन हमारे क्षत्रपति श्री शिवाजी महाराज जी ने किया इसी लिए वह सम्पूर्ण भारत में श्रद्धा और आदर से पूजे जाते हैं! मगर औरंगज़ेब को तो कोई भी नही मानता! इसी प्रकार ठाकरे परिवार की विध्वंस वाली राजनीति का मैं पुरजोर विरोध करता हूँ और करता रहूंगा! अगर वे इस विध्वंस वाली राजनीति को छोड दें तो शायद उन से अच्छा राजनीतिक दल शायद ही कोई हो ! याद रखो मिल कर चलने में ही सब का भला होता है! महाराष्ट्र के उत्थान के लिए ठाकरे परिवार ने बहुत अच्छे काम किए हैं मगर अब शायद ये सब जो हो रहा है सब दुखद है! अपने सुख के लिए किसी को सताना इन्सानियत नही है! मत बताओ दुसरे ने तुम्हारे लिए क्या किया, सोचो तुम ने क्या किया और जो किया क्या वो सही किया ! मानवता सर्वोपरि है! मानवता से बढ कर कुछ भी नही!
808 days
सचिनला यात ओढू नका
आप लोग पुरी तरह भटक चुके हैं और अब शायद ये सब आप के दिमाग में बैठ गई है अगर आप को लगता है के ये सही है तो ठीक है, अपने अधिकारों, संस्कृति, भाषा, मिट्टी, समुदाय, समाज, इतिहास, स्वतन्त्रता, आदि के समर्थन में लड़ना अच्छी बात है! और मैं इस बात मैं आप का पूरी तरह से समर्थन करता हूँ, मगर किसी को मारने का अधिकार किसी को नही है, देश मैं इतनी भी अराजकता नही है के दो टके की औकात के गुँड किसी गरीब और असहाय के ऊपर हिंसात्मक अत्याचार करें! मेरा विरोध आपके विरोध करने के तरीके पर है, आप एक आम आदमी को मार् सकते हैं मगर ये जो प्रणाली/सिस्टम है आप उसके खिलाफ कभी खड़े नही होते! मैंने तब भी विरोध किया था जब महाराष्ट्र की घटनाओ से आहत हो कर हरियाणा में कुछ लोगों ने एक मराठी मनुष्य के खिलाफ दुर्व्यवहार किया था! आप एक आम आदमी को मार् कर अपनी सभ्यता को कलंकित कर रहे हो, और वैसे भी अभद्र भाषा का प्रयोग और हिंसा का प्रयोग तो एक कमजोर और असभ्य आदमी करता है! लड़ना और भोंकना तो जानवर की प्रवर्ती है! आप विरोध करें और में खुद कह्ता हूँकि विरोध करो मगर अपनी सभ्यता और इन्सानियत का हनन कदाचित न करो! हमारे क्षत्रपति श्री शिवाजी महाराज जी ने भी विरोध किया था मगर अत्याचार का और उन्होने कभी निर्बल और गरीब को नही सताया ! शक्ति का प्रयोग निर्बल और गरीब की सहायता और उसके उत्थान के लिए तथा अत्याचार और बुराई का दमन करने के लिए किया जाता है! इस सब का पालन हमारे क्षत्रपति श्री शिवाजी महाराज जी ने किया इसी लिए वह सम्पूर्ण भारत में श्रद्धा और आदर से पूजे जाते हैं! मगर औरंगज़ेब को तो कोई भी नही मानता! इसी प्रकार ठाकरे परिवार की विध्वंस वाली राजनीति का मैं पुरजोर विरोध करता हूँ और करता रहूंगा! अगर वे इस विध्वंस वाली राजनीति को छोड दें तो शायद उन से अच्छा राजनीतिक दल शायद ही कोई हो ! याद रखो मिल कर चलने में ही सब का भला होता है! महाराष्ट्र के उत्थान के लिए ठाकरे परिवार ने बहुत अच्छे काम किए हैं मगर अब शायद ये सब जो हो रहा है सब दुखद है! अपने सुख के लिए किसी को सताना इन्सानियत नही है! मत बताओ दुसरे ने तुम्हारे लिए क्या किया, सोचो तुम ने क्या किया और जो किया क्या वो सही किया ! मानवता सर्वोपरि है! मानवता से बढ कर कुछ भी नही!
808 days
राष्ट्र या महाराष्ट्र
santosh, please don't use abusive language or else i will have to ban you.
808 days
Raj Thakre - real hero
हा जो कोनि भैया जे काहि लिहितो आहे त्या मुर्खाला आपण काय लिहिले आहे हे कळ्त नसावे....mografulla ने खुप चागले उत्तर दिले आहे. तरि हि त्याच्या मेन्दु नस्लेल्या डोक्यात शिरत नसेल तर त्या भद्व्याला न उत्तर दिलेले च बरे....
808 days
सचिनला यात ओढू नका
Rajkamal तुझ्या सारखा बेअक्कल भैया हेच बरळ्नार.थोड थाम्ब आता? कारण शेवटी तुमच्या पार्श्व भागावर आम्हि लवकरच लाथा घाल्नार आहोत. समय की आन्धि तुम्हे भि नहि छोड़ेगी! तुम लोगो का वक्त आ चुका है....तु हमे बदल्ने कि बात करता है..जिस दिन हम बद्ले उस दिन*******? *********...वैसे भि ८ साल से मुम्बई रह्नने के बाद *****...क्योकि यह *****? यह तेरि गल्ति नहि है? शायद लालु या पास्वान कि गलति है? अभि तक तो**********...******* क्यो कि वो इमान्दार ओर वफादार होता है....***************....
808 days
Raj Thakre - real hero
I agree with kanchan totally, anybody who read the article patiently would agree. Rajkamal, please understand the view here, at least don't act like news channels. And if you know enough about bal thacrey then you would know that he comment about situation or people without judging the political correctness, but it also has sense of right over the person. I shouldn't say this, but this is very much a marathi style of poking, and i shouldn't expect you to understand this. Only thing, we hate media taking undue advantage of it, so please don't discuss this further.
808 days
सचिनला यात ओढू नका
rkrajkamal, अच्छा! तर खरी सुरूवात इथून झालीय! इथे तुम्हाला नावावरून ऐकावं लागलं म्हणून तुम्ही माझा लेखही न वाचता वड्याचं तेल वांग्यावर काढलंत. santoshb , लेखन नीट वाचा, नीट वाचा असं rkrajkamal, यांना मीही समजावून सांगितलं पण ते त्यांना समजत नसावं किंवा समजून घ्यायचं नसावं. कारण त्यांना त्यांच्या मनात असलेली जळजळ इथे लिहायची होती. एकच उत्तर कॉपी-पेस्ट करून ते सगळीकडे लावतायंत. rkrajkamal, महाराष्ट्राच्या भल्यासाठी झटणा-या नेत्यांबद्दल अपशब्द काढला म्हणजे महाराष्ट्राचा भूगोल, इतिहास माहित झाला असं वाटतं का तुम्हाला? की कुठल्याही राजकारण्याला त्याच्याबद्दल माहित न करून घेता फ्कत शिव्याच द्यायच्या असतात, हेच शिकवलं तुम्हाला तुमच्या राज्याने? तसं असूही शकेल कारण सध्या आपल्या राज्यातून आलेले राजकारणी काय काय चाळे करतायंत हे तर दिसतंच आहे. santoshb ला सत्याचा स्विकार आणि आदर करायला सांगताना, कोणतं सत्य हे स्पष्ट कराल की नाही? लालू राष्ट्रगीताला उभा राहिला नाही, हे सत्य स्विकारून पुन्हा त्या सत्याचा आदरही करायचा का? तुमचे विचार तुमच्या मातृभाषेतून व्यक्त करताना तुम्ही स्पष्ट लिहू शकत नाही तर महाराष्ट्रात राहून काय कप्पाळ माहित असणार महाराष्ट्र तुम्हाला?
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सचिनला बाळासाहेबांनी खडसावलं
rkrajkamal, तुम्ही लेख न वाचताच प्रतिक्रिया देता का? इथेही तुम्ही तेच केलं आहे. उठसूठ तीच प्रतिक्रिया देता? या ठाक-यांच्या गाड्याच ब-या दिसतात तुम्हाला? बाकी नेते काय महागड्या गाड्या वापरतान मुक्ताफळं उधळत नाहीत का अहो, तुम्हाला इतका पुळका आहे, तर तुम्ही तुमच्या राज्यात जाऊन का रहात नाही? तिकडे कामधंदा करा, नांगर हाती धरा. ते न करता, महाराष्ट्रात आठ वर्षे राहिल्याचे गोडवे काय गाताय? लेखाच्या अनुषंगाने आलेल्या प्रतिक्रिया न वाचता, तुम्ही एक लिहून ठेवलेलं आपलं जिथे तिथे चिकटवता काय? राज ठाकरे जे काही करत आहे, ते आपल्या राज्याकरिता करत आहे. उत्तर प्रदेशातील नेते मात्र महाराष्ट्रालाच बिहार बनवत आहेत. जरा बातमी नीट वाचा आणि अर्थ समजून घेत चला.
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Raj Thakre - real hero